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A | नई दिल्ली| क्रय शक्ति समता (PPP) यानी खरीदने की क्षमता (What is Purchasing Power Parity) के संदर्भ में भारत की इकोनमी 2030 तक 20.7 ट्रिलियन डालर तक पहुंच सकती है। इतना ही नहीं 2038 तक भारत के आर्थिकी के 34.2 ट्रिलियन डालर के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने की संभावना है।,ईवाई की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर भारत उचित कदम उठाता है तो वह उच्च अमेरिकी टैरिफ के असर को जीडीपी के लगभग 0.1 प्रतिशत तक कम कर सकता है। इसका अर्थ यह है कि वित्त वर्ष 2026 में भारत की 6.5 प्रतिशत की अपेक्षित वृद्धि दर में अधिकतम 10 आधार अंकों की कमी आएगी। पीपीपी अंतरराष्ट्रीय विनिमय का एक सिद्धांत है। इसका अर्थ किन्हीं दो देशों के बीच वस्तु या सेवा की कीमत में मौजूद अंतर से लिया जाता है। इतना ही नहीं इसके माध्यम से किसी देश की अर्थव्यवस्था के आकार का पता लगाया जा सकता है। क्रय शक्ति समता (Purchasing Power Parity- PPP) को आसान भाषा में कहे तो एक देश की मुद्रा से वहां कितना सामान या सेवाएं खरीदी जा सकती हैं और इसे दूसरे देश की मुद्रा के साथ तुलना की जाती है।,उदाहरण के लिए,यदि भारत में 100 रुपये से एक किलो सेब खरीदा जा सकता है और अमेरिका में 1 डॉलर से उतना ही सेब मिलता है, तो PPP के हिसाब से 100 रुपये और 1 डॉलर की क्रय शक्ति बराबर है, भले ही उनकी विनिमय दर (exchange rate) अलग क्यों ही न हो।,क्रय शक्ति समता के माध्यम से यह भी पता लगाया जाता है कि दो देशों के बीच मुद्रा की क्रयशक्ति में कितना अंतर या फिर समता मौजूद है। ईवाई इकोनमी वाच के अगस्त, 2025 अंक में कहा गया है कि भारत दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से सबसे गतिशील इकोनमी के तौर पर उभर रहा है। इसकी वजह मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचा (उच्च बचत और निवेश दरें), अनुकूल जनसांख्यिकी और एक स्थायी राजकोषीय स्थिति है।, रिपोर्ट में कहा गया है कि टैरिफ दबाव और धीमे व्यापार जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का लचीलापन घरेलू मांग पर उसकी निर्भरता और आधुनिक तकनीकों में बढ़ती क्षमताओं से उपजा है। रिपोर्ट में अमेरिकी टैरिफ अनिश्चितताओं और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों की पृष्ठभूमि में पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के तुलनात्मक आर्थिक स्वरूप का परीक्षण करती है।,आइएमएफ के अनुसार, भारत पहले से ही तीसरी सबसे बड़ी आर्थिकी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने वित्त वर्ष 25 में पीपीपी के आधार पर भारत की जीडीपी के 14.2 ट्रिलियन डालर होने का अनुमान लगाया है, जो बाजार विनिमय दर के संदर्भ में मापे जाने से लगभग 3.6 गुना अधिक है। इस प्रकार, भारत पहले से ही चीन और अमेरिका के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ,रिपोर्ट में कहा गया है, अगर भारत और अमेरिका 2028-2030 के दौरान (आइएमएफ के पूर्वानुमानों के अनुसार) क्रमश: 6.5 प्रतिशत और 2.1 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर बनाए रखते हैं तो भारत 2038 तक पीपीपी के संदर्भ में अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ सकता है। यह भी अनुमान है कि भारत 2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए बाजार विनिमय दर के संदर्भ में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।,डीके श्रीवास्तव, मुख्य नीति सलाहकार, ईवाई इंडिया के मुताबिक महत्वपूर्ण तकनीकों में लचीलापन और उन्नत क्षमताओं का निर्माण करके भारत 2047 तक अपनी विकसित भारत की आकांक्षाओं के और करीब पहुंचने की स्थिति में है।。

B | AI摘要 福州市人大常委会开展海洋经济专题询问。福州提出2030年目标:涉海高企超500家,港口增加值达2600亿元,临港工业规模1万亿元,吞吐量4亿吨,并创建国家级美丽海湾。 25日下午,市人大常委会会议结合审议市人大常委会执法检查组关于《福州市海上交通安全管理条例》实施情况的报告,对海洋经济高质量发展情况开展专题询问。 据悉,到2030年,福州力争涉海高新技术企业突破500家,港口经济增加值达2600亿元、临港工业规模达1万亿元,福州港港口吞吐量达4亿吨、沿海港口万吨级以上泊位数达110个。积极创建国家级美丽海湾、和美海岛。(记者)。

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Published on:15:36:11
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